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Showing posts from February, 2023

राज और काजल

राज को सामने वाली खिड़की में एक खूबसूरत लड़की दिखी। राज जब देखा तो देखता ही रह गया उसे लगा मानों उस लड़की को कई जन्मों से जानता है उसकी सपनों में आने वाली लड़की। उस लड़की का नाम काजल था।काजल ने भी राज को देखा फिर एक दिन पूछ ही लिया आप ऐसे क्यों देखते हो किसी ने अगर देख लिया तो बदनामी होगी। राज - जी मैं जानता हूँ ... लेकिन आपको देखते ही पता नहीं मुझे क्या हो जाता है ऐसा लगता है मैं आपको कई जन्मों ... काजल - ओके ओके फ़िल्मी डाइलॉग बन्द। लेकिन प्लीज आगे से अब मत देखना। उस दिन काजल ने मना तो कर दिया लेकिन राज का इंतजार करती रही। राज आया..काजल ने मुस्कुराते हुए राज को देखा। धीरे धीरे उन दोनों की बात बढ़ी और घर से बाहर मिले ... कभी कभी दोनों छुप कर बाहर बाइक से एक साथ घूमने निकल जाते। लेकिन ये लुका छिपी ज्यादा दिन तक नहीं चली। काजल के पिता को ये बात पता चली उन्होंने बेटी को डाँटा नहीं प्यार से समझाया - आप हमारी एकलौती बेटी हो .. आप अब बड़ी हो गई हो ... आपका किसी और के साथ घूमना अच्छा नहीं है। काजल - पापा वो .... पापा - मैं जानता हूँ इस उम्र में मन भटक जाता है .. . किसी को भी किसी से...

घर आये मेहमान

 राहुल अपनी पत्नी सीमा और अपनी माँ के साथ रहता था। गर्मियों की छुट्टी में राहुल की बुआ, फूफा अपने लड़के सोनू के साथ उनके घर रहने आये। घर आते ही फूफा जी राहुल से बोले की यहाँ तो बहुत गर्मी है। घर में कोई एसी नहीं है क्या ? राहुल की माँ ने बोला भाईसाहब अभी कुछ दिन पहले ही राहुल ने अपने कमरे में एसी लगवाया है। यह सुनते ही फूफा जी अपने बेटे से बोले की सारा सामान राहुल के कमरे में ले गए। राहुल और उसकी पत्नी सीमा चुप रहे क्योंकि उनने सोचा की कुछ दिनों की तो बात है। इस तरह बुआ, फूफा जी को राहुल के घर रहते 1 महीना हो गया। राहुल ने अपनी माँ से पूछा की बुआ जी कब जाने वाली है। हम कब तक ऐसे ही हॉल में सोकर अपना गुजारा करेंगे। राहुल की माँ बोली बेटा रिश्तेदारी का मामला है। हम कुछ कह भी तो नहीं सकते। राहुल की पत्नी सीमा बोली वह सब तो ठीक है लेकिन उनका छोटा लड़का सोनू सारा दिन घर में उधम करता रहता है। कल तो उसने हमारा नया सोफा बुरी तरह फाड़ डाला। राहुल इस बात पर बहुत गुस्सा हुआ की नया सोफ़ा फाड़ दिया। वह अपनी पत्नी से बोला तुम सोनू को ऐसा करने से ...

सदैव अच्छे कर्म करें

एक न्यायाधीश अत्यंत सदा जीवन व्यतीत करते थे। वह अपनी पत्नी के साथ एक साधारण मकान में रहते और सीमित साधनों में गुजारा करते थे। अधिक की लालसा उनके मन में नहीं थी। जो अर्जित कर पाते थे, उसमें ही संतुष्ट रहते थे। एक बार उन्हें किसी सरकारी कार्य से सतारा जिले में पाना पड़ा। सतारा में उन्हें अनेक स्थानों पर जाना था। उनके साथ में उनकी पत्नी भी थी। उन्होंने पत्नी से कहा तुम सरकारी रेस्ट हॉउस में जाकर आराम करो में कार्य निपटाकर बाद में आ जाऊंगा। पत्नी ने घोड़ा-गाड़ी ली और गेस्टहाउस की ओर चल दी। घोड़ा-गाड़ी रवाना हुई, तो मार्ग में एक आम का बगीचा दिखाई दिया। रसीले आम देखकर न्यायाधीश की पत्नी के मन में लालच आ गया। उसने घोडा-गाड़ी रुकवाई और चुपके से आम बगीचे में दाखिल हो गई। पत्थर मारकर उसने दो-तीन आम गिराए। दुर्भाग्यवश एक बड़ा आम उनके हाथ पर ही आ गिरा, जिससे उनकी स्वर्णजड़ित चूड़ी टूट गई और चूड़ी का टूटा हुआ स्वर्ण अंश भी नहीं मिला । उन्हें बहुत पश्चात्ताप हुआ। घर आकर उन्होंने पति को सारी बात बताई। पति ने कहा- पराई वस्तु लेने का यही परिणाम होता है। साथ में मुझे भी तुम्हारे अपराध की थो...

मन की शांति पाने का राज

एक राजा हमेशा उदास रहता था। उसका मन भटकता रहता था। लाख कोशिश करने के बावजूद उसके मन को शांति नहीं मिलती थी। राजा की इस उदासी के कारण उसका मन राज-काज के कार्यों में नहीं लगता था, जिससे राज-काज के कार्य प्रभावित हो रहे थे। राजा के दरबारी व मंत्री भी राजा की इस समस्या का समाधान नहीं कर पा रहे थे। एक बार उसके नगर में एक भिक्षु आया। भिक्षु के ज्ञानपूर्वक उपदेश से राजा बहुत प्रभावित हुआ। उसने भिक्षु से पूछा - मैं राजा हूँ, मेरे पास सबकुछ है, किन्तु फिर भी मेरे मन में शांति नहीं है। मुझे क्या करना चाहिए ? भिक्षु ने राजा की बात पर गौर किया और फिर कुछ सोचकर बोले। राजन! आप प्रतिदिन भेष बदलकर अपनी प्रजा के बीच में जाएं और यह जानने की कोशिश करें की प्रजा का क्या हाल है और आपका राज्य कैसा चल रहा है ?  राजा ने भिक्षु की बात मानी और प्रतिदिन भेष बदलकर प्रजा के बीच जाने लगा। प्रजा के बीच जाने से राजा को बहुत हैरानी वाली बातें पता लगा। उसे पता चला कि प्रजा बहुत दुखी है। उसके राज-काज के कार्यों में कम दिलचस्पी लेने की वजह से राज्य के अधिकारी लापरवाह और रिश्वतखोर हो गए हैं। जमाखोरों की वजह से दैनिक क...

सुंदर कौन है ?

सीमा पांचवीं कक्षा में पढ़ती थी । पढ़नेलिखने में बहुत कमजोर थी । बस उस की एक ही विशेषता थी की वह दिखने में सुंदर थी, इसलिए सब उस की सुंदरता की तारीफ करते थे । सीमा को इस बात का घमंड हो गया और वह ऐसी लड़कियों से नफरत करने लगी, जो सुंदरता में कुछ कम थी । उसे सब से अधिक वंदना से नफरत थी, क्योंकि उस का रंग कुछ काला था । वह हमेशा उसे 'काली बिल्ली' कह कर चिढ़ाती थी । लेकिन वंदना का स्वभाव इतना अच्छा था कि वह उसे कभी कुछ न कहती । वंदना बड़ी भोली भाली लड़की थी । पढ़ने लिखने में बड़ी होशियार थी । सभी अध्यापिकाएं उसे बहुत प्यार करती थी । घर पर भी माँ उस से बहुत खुश थी । हर काम में माँ को सहयोग देती । सभी काम वह मन लगा का करती थी । वह बड़ी बड़ी सफाई पसंद थी इसलिए हमेशा साफसुथरी भी रहती थी । सीमा सारे दिन घर से बाहर खेला करती, अर्द्धवार्षिक परीक्षा निकट आ गई, लेकिन उसे तो किसी बात की चिंता नहीं थी । एक दिन सीमा सवेरे अपने घर से बाहर निकली । उस के पापा नई गेंद लाए थे, इसलिए वह बहुत खुश थी । वह सीधी अपनी एक सहेली दिव्या के घर गई । दिव्या उस समय अपने घर की सफाई करने मे...

एक बाप और बेटे की कहानी

*एक बाप और बेटे की कहानी,इस कहानी को पूरा पढ़िए और समझिए* एक बाप अदालत में दाखिल हुआ ताकि अपने बेटे की शिकायत कोर्ट में कर सके।  जज साहब ने पूछा, आपको अपने बेटे से क्या शिकायत है। बूढ़े बाप ने कहा, की मैं अपने बेटे से उसकी हैसियत के हिसाब से हर महीने का खर्च मांगना चाहता हू।  जज साहब ने कहा, वो तो आपका हक है। इसमें सुनवाई की क्या जरूरत है। आपके बेटे को हर महीने, खर्च देना चाहिए। बाप ने कहा की मेरे पास पैसों की कोई कमी नहीं है लेकिन फिर भी हम हर महीना अपने बेटे से खर्चा लेना चाहते है वो चाहे कम का ही क्यों न हो। जज साहब आश्चर्यचकित होकर, बाप से कहने लगे, आप इतने मालदार हो तो आपको बेटे से क्यों पैसे की क्या आवश्यकता है।  बाप ने अपने बेटे का नाम और पता देते हुए, जज साहब से कहा, की आप मेरे बेटे को अदालत में बुलाएंगे तो आपको बहुत कुछ पता चल जाएगा। जब बेटा अदालत में आया तो जज साहब ने बेटे से कहा, कि आपके पिता जी, आपसे हर महीना खर्चा लेना चाहते हैं। चाहे वह भले कम क्यों न हो।  बेटा भी जज साहब की बात सुनकर आश्चर्यचकित हो गया कहने लगा। मेरे पिता जी बहुत अमीर हैं, उनके पास पै...