बंदर ने चुराया लड्डू
बच्चों की कहानी मिष्टी बहुत ही प्यारी सी बच्ची है जो अभी बहुत छोटी है। वह अपने खिलौनों से कम खेलती है और घर की चीजों से ज्यादा खेलती है। उसके सामने जब भी कोई कुछ खाने बैठता है तो वह थाली अपनी ओर खींच लेती है। यह देखकर उसकी मां, दादी और दादा सभी हंस पड़ते हैं। उसकी उम्र के आसपास के कुछ बच्चे उसके साथ खेलने आते हैं और वह उन्हें अपनी गोद में लेकर घूमते है। मिष्टी अभी चलना नहीं जानती, लेकिन वह उछलती-कूदती है। उसकी मां उसे प्यार से मिष्टू बुलाती है। मिष्टी के घर के बगल के पेड़ों पर कई बंदर आते हैं, और कभी-कभी वह अपने दादाजी के साथ दूर से उनके साथ खेलती है। एक दिन मिष्टी के घर पर में एक पूजा हुआ जिसमें बहुत सारे मिठाई भी आया था। मिष्टी को लड्डू की थाली बहुत पसंद थी और वह खुशी-खुशी उन्हें खा रही थी कि तभी एक छोटा बंदर आया और उसके हाथ से एक लड्डू छीन लिया। मिष्टी जोर-जोर से रोने लगी और घर के सभी लोग यह देखने के लिए बाहर आ गए कि क्या हुआ है। मिष्ठी ने लड्डू की थाली पकड़ रखी थी और बंदर पास में बैठा था। जैसे ही उसके दादा ने एक छड़ी लायी, बंदर थाली से एक लड्डू ले गया और भाग गया, छत पर चढ़ गया और म...