अपने व्यवहार से ही मिलता सवाल का जबाब

 एक दार्शनिक समस्याओं के अत्यंत सटीक समाधान बताते थे।

एक बार उनके पास एक सेनापति पहुंचा और स्वर्ग-नरक के विषय में जानकारी चाही।

दार्शनिक ने उसका पूर्ण परिचय पूछा तो उसने अपने वीरतापूर्ण कार्यों के बारे में सविस्तार बताया।

उसकी बातें सुनकर दार्शनिक ने कहा - शक्ल सूरत से तो आप सेनापति नहीं भिखारी लगते हैं।

मुझे विश्वास नहीं होता कि आप में हथियार उठाने की क्षमता भी होगी।

दार्शनिक की अपमानजनक बातें सुनकर सेनापति को गुस्सा आ गया। उसने म्यान से तलवार निकाला ली।

यह देखकर दार्शनिक ठहाका लगाते हुए बोले - अच्छा तो आप तलवार भी रखते हैं।

यह शायद काठ की होगी। लोहे की होती तो अब तक आपके हाथ से छूटकर गिर गई होती।

अब तो सेनापति आप से बाहर हो गया।

उसकी आँखे क्रोध से लाल हो गई और वह दार्शनिक पर हमला करने को उद्यत हो गया। तभी दार्शनिक ने गंभीर होकर कहा - बस यही नरक है।

क्रोध में उन्मत होकर आपने अपना विवेक खो दिया और मेरी हत्या करने को तत्पर हो गए। दार्शनिक की बात सुनकर सेनापति ने शांत होकर तलवार म्यान में वापस रख ली।

तब दार्शनिक ने कहा - विवेक जाग्रत होने पर व्यक्ति को अपनी भूलों का अहसास होने लगता है।

मन शांत होने से स्थिरता आती है और दिव्य आनंद की अनुभूति होती है।

यही यह है कि आत्म - नियंत्रण से विवेक उपजता है जिसके कारण अनुचित कर्म या व्यवहार पर रोक लगती है और जीवन में शांति व संतोष की अनुभूति होती है।

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एक बाप और बेटे की कहानी

*एक बाप और बेटे की कहानी,इस कहानी को पूरा पढ़िए और समझिए* एक बाप अदालत में दाखिल हुआ ताकि अपने बेटे की शिकायत कोर्ट में कर सके।  जज साहब ने पूछा, आपको अपने बेटे से क्या शिकायत है। बूढ़े बाप ने कहा, की मैं अपने बेटे से उसकी हैसियत के हिसाब से हर महीने का खर्च मांगना चाहता हू।  जज साहब ने कहा, वो तो आपका हक है। इसमें सुनवाई की क्या जरूरत है। आपके बेटे को हर महीने, खर्च देना चाहिए। बाप ने कहा की मेरे पास पैसों की कोई कमी नहीं है लेकिन फिर भी हम हर महीना अपने बेटे से खर्चा लेना चाहते है वो चाहे कम का ही क्यों न हो। जज साहब आश्चर्यचकित होकर, बाप से कहने लगे, आप इतने मालदार हो तो आपको बेटे से क्यों पैसे की क्या आवश्यकता है।  बाप ने अपने बेटे का नाम और पता देते हुए, जज साहब से कहा, की आप मेरे बेटे को अदालत में बुलाएंगे तो आपको बहुत कुछ पता चल जाएगा। जब बेटा अदालत में आया तो जज साहब ने बेटे से कहा, कि आपके पिता जी, आपसे हर महीना खर्चा लेना चाहते हैं। चाहे वह भले कम क्यों न हो।  बेटा भी जज साहब की बात सुनकर आश्चर्यचकित हो गया कहने लगा। मेरे पिता जी बहुत अमीर हैं, उनके पास पै...

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