धैर्य और बुद्धिमानी


प्रेरणादायक कहानी


एक बार एक घने जंगल में एक शक्तिशाली शेर शिकार पर निकला। 
अचानक उसके सामने एक चालाक लोमड़ी आ गई। 

लोमड़ी ने सोचा कि उसके लिए कोई रास्ता नहीं है, लेकिन उसने उम्मीद नहीं खोई और अपनी जान बचाने के लिए एक चतुर योजना बनाई।

लोमड़ी ने तीखे शब्दों में शेर से कहा, "तुममें इतनी ताकत नहीं है कि तुम मुझे मार सको।"

शेर थोड़ा हैरान हुआ और बोला, "तुम ऐसा कैसे कह सकते हो?" 

लोमड़ी ने ऊँची आवाज़ में कहा, "मैं तुम्हें सच-सच बताती हूँ। 

भगवान ने मुझे इस जंगल और यहाँ रहने वाले सभी जानवरों का राजा बनाया है। 

अगर तुम मुझे मारोगे तो यह भगवान की इच्छा के विरुद्ध होगा और तुम भी मर जाओगे। "

थोड़ी देर की खामोशी के बाद लोमड़ी ने कहा, "अगर तुम्हें मुझ पर विश्वास नहीं है, तो मेरे साथ आओ और खुद देखो कि दूसरे जानवर मुझसे कितने डरे हुए हैं।" 

शेर लोमड़ी के पीछे चलने को तैयार हो गया।

निडर लोमड़ी ने जंगल के रास्ते शेर का नेतृत्व किया, जो उसके पीछे-पीछे चल रहा था। 

लोमड़ी के पीछे शेर को देखकर अन्य जानवर डर के मारे भाग खड़े हुए। 

कुछ देर बाद लोमड़ी ने शेर से पूछा, "क्या अब तुम मुझ पर विश्वास करते हो?"

एक पल की चुप्पी के बाद शेर ने कहा, "आप सही कह रहे हैं। 

आप जंगल के राजा हैं।" 

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि परिस्थितियां कितनी भी प्रतिकूल क्यों न हों, हम अपनी बुद्धि का प्रयोग कर इससे निकलने का रास्ता निकाल सकते हैं। 

हमारा मस्तिष्क एक कंप्यूटर नहीं है जो प्रोग्राम के आधार पर चलता है, बल्कि एक ऐसा उपकरण है जो किसी भी स्थिति को हमारे लाभ में बदलने में हमारी मदद कर सकता है। 

यह हर समस्या का समाधान तलाशने की ताकत है, यह तभी संभव होगा जब हम विपरीत परिस्थितियाँ में भी अपना धैर्य बरकरार रखेंगे।

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एक बाप और बेटे की कहानी

*एक बाप और बेटे की कहानी,इस कहानी को पूरा पढ़िए और समझिए* एक बाप अदालत में दाखिल हुआ ताकि अपने बेटे की शिकायत कोर्ट में कर सके।  जज साहब ने पूछा, आपको अपने बेटे से क्या शिकायत है। बूढ़े बाप ने कहा, की मैं अपने बेटे से उसकी हैसियत के हिसाब से हर महीने का खर्च मांगना चाहता हू।  जज साहब ने कहा, वो तो आपका हक है। इसमें सुनवाई की क्या जरूरत है। आपके बेटे को हर महीने, खर्च देना चाहिए। बाप ने कहा की मेरे पास पैसों की कोई कमी नहीं है लेकिन फिर भी हम हर महीना अपने बेटे से खर्चा लेना चाहते है वो चाहे कम का ही क्यों न हो। जज साहब आश्चर्यचकित होकर, बाप से कहने लगे, आप इतने मालदार हो तो आपको बेटे से क्यों पैसे की क्या आवश्यकता है।  बाप ने अपने बेटे का नाम और पता देते हुए, जज साहब से कहा, की आप मेरे बेटे को अदालत में बुलाएंगे तो आपको बहुत कुछ पता चल जाएगा। जब बेटा अदालत में आया तो जज साहब ने बेटे से कहा, कि आपके पिता जी, आपसे हर महीना खर्चा लेना चाहते हैं। चाहे वह भले कम क्यों न हो।  बेटा भी जज साहब की बात सुनकर आश्चर्यचकित हो गया कहने लगा। मेरे पिता जी बहुत अमीर हैं, उनके पास पै...

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